Uttarakhand Encyclopedia : उत्तराखण्ड ज्ञानकोष अपना उत्तराखण्ड An Aggregator of Uttarakhandi websites हिसालू-उत्तराखण्ड सन्देश उत्तराखण्ड के ब्लागरों के लिये मेरा पहाड़ की पहल मेरा पहाड़ ब्लाग सेवा आइये, जाने, समझें और जुडें अपने पहाड़ से, अपने उत्तराखण्ड से मेरा पहाड़ फोरम उत्तराखण्ड की निष्पक्ष खबरों का प्रतिनिधि समाचार पत्र नैनीताल समाचार उत्तराखण्ड की कहानी देवेन्द्र मेवाड़ी जी की जुबानी मेरी कलम उत्तराखण्ड की बेबाक आवाज शैल स्वर गैरसैंण दूर नहीं राजधानी से कम मंजूर नहीं
>

Articles in this series

  • ऋतुओं के स्वागत का त्यौहार- हरेला

18 responses to “ऋतुओं के स्वागत का त्यौहार- हरेला”

  1. bhanudev badu

    बहुत अच्छा, नेपाल मे भी इसी उत्साह के साथ मनाया जाता है सावन संक्रान्तिका यह पर्ब ।सब मित्रों को हरिभरि शुभकामनाये!!!!

  2. सोरयाल

    महाराज, हमारे यहां बाराबीसी में जिमिदारों के यां हरेला नहीं बोया जाता। आमाओं से पूछा तो उन्होंने बताया कि “इजा, हमारे यहां बिरुड़ भिगाते हैं, इसलिये हरेला नहीं बोते।” हमारे यहां गुरुओं (पंडितों) के यहां हरेला बोया जाता है और वे ही घर-घर हरेला पहुंचाते हैं। जिसकी उन्हें दक्षिणा दी जाती है।

  3. ganeshsnigh

    happy harela

  4. ganesh singh

    sare bharat vasiyo ko harela ki hardik subh kamanayon……………………..

  5. prakash

    hello dosto i m mast pahadi person……happy harela to u all

  6. prakash chandra joshi

    dosto me ek pahadi person hu…..muje pahadi tyohar bahut pasand h…..hum apne ghar m in tyoharo ko achhe se manate h…..

  7. पहाड़ी भाई

    इस पारम्परिक त्यौहार की मूल भावना पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी है. ऐसे त्यौहार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करके पेड़-पौधे लगाने के प्रति लोगों को जागरूक करना जरूरी है.

  8. hempandey

    ‘यदि हरेले के दिन किसी परिवार में किसी की मृत्यु हो जाये तो जब तक हरेले के दिन उस घर में किसी का जन्म न हो जाये, तब तक हरेला बोया नहीं जाता है। एक छूट भी है कि यदि परिवार में किसी की गाय ने इस दिन बच्चा दे दिया तो भी हरेला बोया जायेगा।’
    -पहाड़ों में यह परम्परा अन्य त्योहारों के लिए भी मान्य है.
    हरेले का त्योहर तो बचपन से ही मनता देखते आ रहे हैं और यहाँ प्रवास में आज भी यथा शक्ति मनाते हैं.लेकिन इस लेख से कुछ ऐसी बातें भी पता चलीं जो अब तक ज्ञात नहीं थीं.

  9. Jagdish Bhatt

    Mujhe uttrakhandi hone ka garv hai, yahan ki riti revaj tyoahar mujhe pasand hai.

  10. ghughutibasuti

    हरेला पर यह लेख अच्छा लगा। एक अनुरोध है। क्या ऐसा नहीं हो सकता कि पूरे वर्ष के अपने त्यौहार व हरेला जैसे त्यौहारों से सम्बद्ध हरेला बोने के दिन का पूरा पंचांग सा बनाकर उत्तराखंड सम्बन्धित ब्लॉग्स में लगा दिया जाए। यदि ऐसा किया जाए तो पहाड़ से दूर रहने वालों का कोई त्यौहार छूटेगा नहीं।
    घुघूती बासूती

  11. घी-त्यार : उत्तराखण्ड का एक लोक उत्सव

    [...] त्यौहार भी हरेले की ही तरह ऋतु आधारित त्यौहार है, हरेला [...]

  12. पशुधन की कुशलता की कामना का पर्व “खतडुवा”

    [...] और बीजों से सम्बन्धित त्यौहार "हरेला" है, पिथौरागढ में मनाया जाने वाला [...]

  13. madan bisht

    हरेला त्योहार का सिर्फ हमे ही नही बल्कि
    हर उत्तराखण्ड की नारी को इन्तजार रहता है
    हरेली त्यौहार आलौ त आपण मैत जूल कनै तो सब यो त्यौहार क भली भाति मनाया
    मै त घर बै भौत दुर छु पर मेरी इच्छा घर आहै भौते कररै
    कलैकी हरयावै दिन मेरी दीदी आली मेरी बैणी आली
    तो कतु भौल लागल घर मै

    सबुकै हरयावै त्यौहारेकी
    बधाँईया

  14. Deepak Singh Dobal

    sabhi pahadi bhaiyo ko harela utsav mubark ho kayo ki ye ek esa utsav he jo hame ye batata he ki rituwe aa gayi he inka welcome karo or sabhi me payar ka sandesh bato or ek dusre se payar karo,

  15. हरेले की चिट्ठी बागेश्वर से …..

    [...] फोटो: मेरा पहाड़ संबंधित लेख….अनशन की सीमायेंइंदिरा राही भारत में पुरातन काल से ही उपवास की एक धार्मिक परम्परा रही है। मुस्लिम समुदाय में भी…सम्पादकीय : जनता बेवकूफ ना बने तो क्या करे….स्वामी रामदेव के बच जाने और स्वामी निगमानन्द के शहीद हो जाने के बाद देश और प्रदेश की राजनीति का कुरू…बहुतु कठिन है डगर पनघट की…वह एक अजीब दृश्य था। चैनल उसे सनसनीखेज बनाना चाहते थे और वह लगातार हास्यास्पद होता चला जा रहा था। एं…चिट्ठ्ठी पत्री :भ्रष्टाचार,नगर निगम और ब्रज मोहन शर्मा1-14 जून के अंक में भुवन बिष्ट का आलेख ‘भ्रष्टाचार से तरक्की का रास्ता है हजारे जी’ वर्तमान व्यवस्था…भ्रष्टाचार तो तरक्की का रास्ता है हजारे जी !‘पूरे देश का कहना है अन्ना हजारे गहना है।’ ‘जब तक सूरज चांद रहेगा अन्ना तेरी बात कहेगा’, ‘अन्ना नहीं… [...]

  16. rajiv joshi

    achha shodh aadhaarit lekh lagta he.

  17. ASHOK CHAUHAN

    sach me yaar apne pahaadi elaake jesha koi nahi i really love my uttrakhand

  18. Girish Pathak vill--(Karala) Dharmghar

    Thanks sir apne aacha lake likha hai hame garve hua ke hamare tyohare ko aapne sarvjanik kiya hai ham aapke aabhari hai

Leave a Reply