विदेशी पर्यटकों को भाने लगा है सीमांत जिला पिथौरागढ़Feb 02, 02:12 am
पिथौरागढ़। विदेशी पर्यटकों को भी अब सीमांत जिला पिथौरागढ़ भाने लगा है। हर वर्ष जिले में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में डेढ़ हजार से अधिक विदेशी पर्यटक पहुंच चुके है। पर्यटन विशेषज्ञ विदेशी पर्यटकों की बढ़ती तादात को जनपद में पर्यटन व्यवसाय के लिए अच्छा संकेत मान रहे है।
उल्लेखनीय है कि सीमांत जिले में कुछ वर्ष पूर्व तक विदेशी पर्यटक नहीं के बराबर आते थे। विदेशी पर्यटकों के सीमांत जिले में नहीं पहुंचने का सबसे बड़ा कारण यहां के पर्यटन स्थलों के समुचित प्रचार-प्रसार की कमी को माना जाता था। पर्यटन सुविधाओं की कमी भी इसका एक कारण रही। इधर हाल के कुछ वर्षो में सीमांत जिले के पर्यटन स्थलों का निजी और सरकारी स्तर पर हुए प्रचार का असर अब जनपद में नजर आने लगा है। इसकी पुष्टि इसी बात से हो जाती है कि पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या डेढ़ हजार का आंकड़ा पार कर गयी है, यह पहली बार है। पर्यटन कार्यालय के मुताबिक जनपद में आने वाले अधिकांश पर्यटक सीमांत तहसील मुनस्यारी पहुंचे। एक वर्ष के दौरान यहां अमेरिका, इंग्लैण्ड, हालैण्ड, फ्रांस और जर्मनी से पर्यटक आये। इन पर्यटकों ने विश्व प्रसिद्ध मिलम ग्लेशियर की ट्रैकिंग को सबसे अधिक तवज्जाो दी। पर्यटन विभाग के मुताबिक इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में पांच सौ विदेशी पर्यटक अधिक आये है। पर्यटन विभाग का मानना है कि यह बढ़ोत्तरी सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर हुए व्यापक प्रचार प्रसार का असर है। जनपद की सड़कों की हालत में हुए सुधार और अच्छे होटलों के निर्माण और परिवहन के लिए वाहनों की सहज उपलब्धता भी इसके पीछे प्रमुख कारण है।
पर्यटन विशेषज्ञ विदेशी सैलानियों की संख्या में बढ़ोत्तरी को जनपद के पर्यटन व्यवसाय के लिए अच्छा संकेत मानते है। लम्बे समय से पर्यटन व्यवसाय और साहसिक खेल प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर रहे बासू पाण्डेय का कहना है कि विदेशी पर्यटकों के यहां आने से जिले को विदेशों में अच्छा प्रचार मिलेगा और विदेशी पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होगा।